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UP Outsourcing Employees Latest News: आज के इस आर्टिकल में हम जानेंगे उत्तर प्रदेश राज्य के सभी सरकारी विभागों में आउटसोर्स व्यवस्था के तहत अलग-अलग कई पदों पर वर्षों से 10 लाख से अधिक संविदा कर्मचारी काम कर रहे हैं जिनकी चिकित्सा स्वास्थ्य, तहसील स्तर पर, ब्लॉक स्तर पर और विद्युत जैसी अन्य सरकारी सेवाओं मैं अपनी सेवाएं प्रदान कर रहे हैं |

ऐसे में सभी कर्मचारियों की विभिन्न पदों पर सेवा प्रदान करने के द्वारा राजकीय विभागों के अंतर्गत लाखों की संख्या में पैसे आउटसोर्सिंग कर्मचारी का वेतन काफी कम मिलता है ऐसे में इन्हीं सभी को देखते हुए राज्य की सरकार इन सभी अवशोषण कर्मचारियों की वेतन बढ़ाने के संबंध में मुख्यमंत्री को उनके संगठन द्वारा वेतन पर उत्तर की आवाज उठाने के लिए पत्र लिखा गया है |

UP Outsourcing Employees Latest News

आउटसोर्सिंग कर्मचारियों ने सीएम को लिखा पत्र

आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के संगठन द्वारा राज्य के मुख्यमंत्री को मानदेय बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री को सीधा पत्र लिखा गया है जब विधानसभा अध्यक्ष की प्रतिपक्ष नेता को भी पत्र उपलब्ध कराया गया है | आउटसोर्सिंग कर्मचारी का पक्ष रखते हुए उनकी विभिन्न समस्याओं को लेकर विधानसभा सत्र में इस मामले को हरा दिया गया था | इसके अलावा इस पत्र में और विधानसभा के अंतर्गत सरकार की ओर से की गई घोषणाओं की जानकारी को भी दर्शाया गया था | जिसमें विधानसभा में महामंत्री सच्चिदानंद जी द्वारा परिवार कहा गया है कि लाखों आउटसोर्सिंग कर्मचारियों का न्यूनतम वेतन ₹10000 से बढ़ाने की मांग की जा रही है |

स्वास्थ्य आउटसोर्सिंग संविदा कर्मचारी

राजकीय सरकार की ओर से आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के लिए कई बड़ी घोषणाएं पहले ही की जा चुकी हैं जिनमें वर्ष 2018 में अवशोषण सेवा नियमावली की घोषणा होने के उपरांत प्रस्ताव को बाद में बंद कर दिया गया था वही 9 अगस्त 2018 को मुख्यमंत्री ने एसजीपीजीआई और केजीएमओ लोहिया के बड़े अस्पताल में कार्य करने वाले कर्मचारियों के वेतन को निर्धारित करने के लिए समिति का गठन भी किया गया था | नीचे दिए गए आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के द्वारा लिखे गए पत्र में जहां प्रदेश अध्यक्ष महोदय और प्रदेश महामंत्री शिक्षा मंत्री के लेटर पैड पर किए जानकारी दी गई है |

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FAQ: UP Outsourcing Employees Latest News

यूपी में आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के न्यूनतम वेतन को लेकर क्या नई अपडेट है?

हाल ही में उत्तर प्रदेश के आउटसोर्सिंग कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर न्यूनतम वेतन बढ़ाने की मांग की है। विधानसभा में भी इस मुद्दे को उठाया गया, जहाँ कर्मचारियों के संगठन ने ₹10,000 से अधिक न्यूनतम वेतन तय करने की गुहार लगाई।

आउटसोर्सिंग कर्मचारी अपनी समस्याओं को सरकार तक कैसे पहुँचा रहे हैं?

कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री, विधानसभा अध्यक्ष और विपक्ष के नेता को पत्र लिखकर अपनी समस्याएँ और वेतन बढ़ाने की माँग रखी है। इस पत्र में यह भी बताया गया कि लाखों संविदा कर्मचारी स्वास्थ्य, बिजली, तहसील और ब्लॉक स्तर पर काम कर रहे हैं, लेकिन उन्हें अभी भी कम मानदेय मिलता है।